Tuesday, January 20

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जस्टिस सूर्यकांत बने भारत के 53वें CJI, राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ
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जस्टिस सूर्यकांत बने भारत के 53वें CJI, राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ

नई दिल्ली: आज एक ऐतिहासिक अवसर पर जस्टिस सूर्यकांत ने राष्ट्रपति भवन में भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। जस्टिस सूर्यकांत ने शपथ हिंदी में ली। उनका कार्यकाल 9 फरवरी 2027 तक रहेगा। समारोह में मौजूद रहे उच्च स्तरीय गणमान्य व्यक्ति शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, पूर्व CJI बी.आर. गवई, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, एच.डी. कुमारस्वामी, पीयूष गोयल, जे.पी. नड्डा, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।शपथ ग्रहण के बाद जस्टिस सूर्यकांत ने अपने घर के बुजुर्गों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया और सी...
26 नवंबर: मुस्लिम महिलाओं के लिए ऐतिहासिक फैसला?
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26 नवंबर: मुस्लिम महिलाओं के लिए ऐतिहासिक फैसला?

तलाक-ए-हसन पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी सुनवाई, महिलाओं की गरिमा पर सवालनई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ 26 नवंबर को उस विवादित इस्लामी प्रथा तलाक-ए-हसन की समीक्षा करेगी, जो महिलाओं की गरिमा से जुड़े संवैधानिक अधिकारों के लिए चुनौती बन चुकी है। तलाक-ए-हसन में मुस्लिम पति तीन महीने में तीन बार तलाक कहकर शादी खत्म कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही संकेत दिया है कि यह प्रथा संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 के तहत महिलाओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। जस्टिस सूर्यकांत ने पिछले सुनवाई में कहा था:"कैसे एक सभ्य समाज में महिलाओं की गरिमा को प्रभावित करने वाली प्रथा को जारी रहने दिया जा सकता है?" यह मामला पत्रकार बेनजीर हीना की याचिका पर चल रहा है, जिन्होंने तर्क दिया कि तलाक-ए-हसन महिलाओं के अधिक...
निवराहा फाउंडेशन शुरू कर रहा है “मीडिया की अस्मिता रक्षा महाअभियान”
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निवराहा फाउंडेशन शुरू कर रहा है “मीडिया की अस्मिता रक्षा महाअभियान”

फर्जी यूट्यूबर, फर्जी पत्रकार और डिजिटल मीडिया कानून के उल्लंघन करने वाले मीडिया हाउस पर सख्त कार्रवाई की माँग इंदौर/नई दिल्ली: निवराहा फाउंडेशन 6 दिसंबर से पूरे देश में “मीडिया की अस्मिता रक्षा महाअभियान” आरंभ करने जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देशभर में तेजी से बढ़ रहे फर्जी पत्रकारों, फर्जी यूट्यूबरों, ब्लैकमेलिंग गैंगों और अवैध मीडिया हाउसों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग करना है। फाउंडेशन ने घोषणा की है कि अभियान के तहत प्रत्येक जिले में कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक और पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इन ज्ञापनों में निम्नलिखित माँगें शामिल होंगी: फर्जी पत्रकारों पर FIR दर्ज की जाए ब्लैकमेलिंग और हफ्ता-वसूली में लिप्त यूट्यूबर और मीडिया समूहों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो भारत सरकार के Digital Media Act 2021 का पालन न करने वाले मीडिया हाउसों पर वैधानिक...
सोशल मीडिया पर वायरल हुई 1996 की दादा जी की SBI पासबुक, पुरानी बैंकिंग याद दिला रही है
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सोशल मीडिया पर वायरल हुई 1996 की दादा जी की SBI पासबुक, पुरानी बैंकिंग याद दिला रही है

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स अपने दादाजी की 1996 की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) पासबुक दिखा रहा है। खास बात यह है कि यह पासबुक उस समय के सहयोगी बैंक स्टेट बैंक ऑफ जयपुर एंड बीकानेर (SBJB) की है, जो अब SBI में मर्ज हो चुका है। पुराने बैंकिंग टर्म्स और Nostalgia वीडियो में पासबुक के आखिरी पन्ने पर पुराने बैंकिंग टर्म्स जैसे “निरंतर पेंशन” और “नकद प्रमाण पत्र” देखे जा सकते हैं, जो अब आम तौर पर इस्तेमाल नहीं होते। लगभग 80 सेकंड के इस वीडियो में उस समय की बैंकिंग प्रक्रिया को दिखाया गया है, जब हर एंट्री हाथ से लिखी जाती थी। सोशल मीडिया पर मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया वीडियो Instagram अकाउंट @igovinnd पर पोस्ट किया गया और इसे अब तक 3.45 लाख से अधिक व्यूज़, 6,000 से ज्यादा लाइक्स और 100 से अधिक कमेंट्स मिल चुके हैं। लोग अपने पुराने बैंकिंग अनु...
सोनल मानसिंह: नृत्य के लिए उठीं उंगलियां, आज देश-विदेश में नाम रोशन
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सोनल मानसिंह: नृत्य के लिए उठीं उंगलियां, आज देश-विदेश में नाम रोशन

मुंबई। शास्त्रीय नृत्य की दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाली सोनल मानसिंह ने 60 के दशक में मात्र 18 साल की उम्र में नृत्य को अपना जीवन चुना। उस समय समाज और परिवार में नृत्य को नीची नजर से देखा जाता था, लेकिन सोनल ने हार नहीं मानी और भरतनाट्यम व ओड़िसी जैसी शास्त्रीय विधाओं में महारत हासिल की। हाल ही में मुंबई में आयोजित इंडिया मैरीटाइम वीक में अपनी प्रस्तुति अमृत मंथनम् से सभी को मंत्रमुग्ध कर देने वाली नृत्यांगना ने NBT से खास बातचीत में अपने सफर की यादें साझा कीं। संघर्ष और जिद सोनल ने बताया कि 1963 में उन्होंने घर से भाग कर बेंगलुरु में गुरु प्रो यूएस कृष्णा राव के पास नृत्य की शिक्षा लेने पहुंचीं। उनके परिवार और समाज ने उस समय विरोध जताया, लेकिन उनकी जिद और जुनून ने उन्हें मंजिल तक पहुँचाया। “लोग कहते थे, आपने बिगाड़ दिया है, नाचने वाली बनेगी, मगर मैंने ध्यान नहीं दिया और गुरु...
सुप्रीम कोर्ट में महिला वकीलों को बड़ी राहत: POSH एक्ट अब उनके कार्यस्थल पर भी होगा लागू
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सुप्रीम कोर्ट में महिला वकीलों को बड़ी राहत: POSH एक्ट अब उनके कार्यस्थल पर भी होगा लागू

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महिला वकीलों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कोर्ट ने वुमन लॉयर्स एसोसिएशन की याचिका पर POSH (Prohibition and Redressal of Sexual Harassment) Act, 2013 के तहत सुनवाई का नोटिस जारी किया। इसका मतलब है कि अब वकीलों के कार्यस्थलों पर होने वाले यौन उत्पीड़न के मामलों में भी यह कानून लागू होगा। क्या है मामला वुमन लॉयर्स एसोसिएशन ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि POSH एक्ट वकीलों पर लागू नहीं होता, क्योंकि वकील और बार काउंसिल के बीच नियोक्ता-कर्मचारी (employer-employee) का रिश्ता नहीं होता। इसके अनुसार, बार काउंसिल महिलाओं के लिए सुरक्षा समिति के रूप में जिम्मेदार नहीं है। लेकिन एसोसिएशन ने तर्क दिया कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्णयों के विपरीत है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि हर पेशेवर...
29 पुराने कानून खत्म, अब पूरे देश में लागू हुए सिर्फ 4 लेबर कोड; नौकरी पेशा लोगों के लिए बदले 20 बड़े नियम
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29 पुराने कानून खत्म, अब पूरे देश में लागू हुए सिर्फ 4 लेबर कोड; नौकरी पेशा लोगों के लिए बदले 20 बड़े नियम

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को श्रम सुधारों से जुड़ा ऐतिहासिक फैसला लेते हुए देशभर में चार नए लेबर कोड्स लागू करने की घोषणा की है। ये कोड अब तक लागू 29 अलग-अलग श्रम कानूनों की जगह लेंगे। सरकार का दावा है कि नए नियमों से मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी और कंपनियों के लिए पालन प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बन सकेगी। यह फैसला उन राज्यों में एनडीए को मिली हालिया चुनावी सफलता के बाद आया है। ग्रेच्युटी, वेतन और सामाजिक सुरक्षा में बड़ा बदलाव नए प्रावधानों के तहत एक वर्ष की निश्चित अवधि की नौकरी करने वाले कर्मचारियों को भी अब ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। PF, ESIC और बीमा जैसी सुविधाएँ अब सभी श्रमिकों को उपलब्ध कराई जाएंगी।इसके साथ ही 40 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए कई क्षेत्रों में वार्षिक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य की गई है। नए लेबर कोड्स क्या बदलेंगे—20 अहम पॉइंट्स ...
‘बुलडोजर न्याय’ के खिलाफ फैसला सबसे अहम: विदाई समारोह में बोले CJI बी.आर. गवई
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‘बुलडोजर न्याय’ के खिलाफ फैसला सबसे अहम: विदाई समारोह में बोले CJI बी.आर. गवई

नई दिल्ली, 22 नवंबर। भारत के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई ने अपने विदाई समारोह में अपने कार्यकाल के महत्वपूर्ण फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि उनसे पूछा जाए कि उन्होंने अब तक का सबसे अहम फैसला कौन सा लिखा है, तो वह ‘बुलडोजर न्याय’ (Bulldozer Justice) के खिलाफ दिया गया निर्णय होगा। CJI ने स्पष्ट कहा कि किसी आरोपी के खिलाफ केवल आरोप लगने भर से उसका घर गिराना कानून के शासन और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है। क्या था सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला नवंबर 2024 में CJI गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में बिना विधिक प्रक्रिया घर तोड़े जाने पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था: बुलडोजर से घर गिराना असंवैधानिक है सिर्फ आरोपों के आधार पर कार्रवाई कानून के राज का उल्लंघन है यह फैसला उन मामलों पर भी लागू होगा, जहाँ आरोपी गंभीर अपराधों में दोषी पाए गए हों पीठ न...
जैश-ए-मोहम्मद के लिए भर्ती करता था मौलवी इरफान, पढ़े-लिखे युवाओं पर रखता था खास नजर
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जैश-ए-मोहम्मद के लिए भर्ती करता था मौलवी इरफान, पढ़े-लिखे युवाओं पर रखता था खास नजर

नई दिल्ली, 22 नवंबर। लाल किला धमाके की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार मौलवी इरफान अहमद को जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य भर्तीकर्ता के तौर पर चिन्हित किया है। अधिकारियों के अनुसार, इरफान कथित रूप से एक ऐसे मॉड्यूल को तैयार कर रहा था, जिसे जांचकर्ता "व्हाइट कॉलर टेरर इकोसिस्टम" के नाम से जोड़कर देख रहे हैं। उसका फोकस विशेष रूप से पढ़े-लिखे, पेशेवर और सफेदपोश युवाओं पर था। कैसे करता था संभावित लोगों की पहचान जांच सूत्रों के मुताबिक, इरफान ने भर्ती के लिए तीन रणनीतियाँ अपनाई थीं— व्यक्तिगत बातचीत के जरिए परख संदिग्ध लोगों से सामान्य मुलाकात कर उनके विचार, असंतोष और कट्टर रुझानों को टटोलता था। सोशल मीडिया की निगरानी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखकर संभावित संपर्क तलाशता था। मस्जिदों में नियमित आने वाले युवा अधिकारियों ने बताया कि यह तरीका ...
भारत–इजरायल ने बढ़ाया कदम, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर; नई साझेदारी से खुलेगा सहयोग का बड़ा रास्ता
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भारत–इजरायल ने बढ़ाया कदम, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर; नई साझेदारी से खुलेगा सहयोग का बड़ा रास्ता

नई दिल्ली, 22 नवंबर। भारत और इजरायल के बीच आर्थिक व रणनीतिक संबंधों को नई गति मिलने जा रही है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को जानकारी दी कि दोनों देशों ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से संबंधित संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह समझौता भविष्य में व्यापक सहयोग और साझेदारी की मजबूत नींव साबित हो सकता है। हर क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और इजरायल का आपसी सहयोग अब केवल अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि— नवाचार एवं स्टार्टअप्स, सुरक्षा सहयोग, क्लाइमेट चेंज, मेडटेक एवं आधुनिक तकनीकजैसे क्षेत्रों में भी विस्तार होगा।उन्होंने कहा कि दोनों देश दुनिया में शांति, स्थिरता और प्रगति के लिए मिलकर प्रयास करेंगे। इनोवेशन और स्टार्टअप्स बनेगी साझेदारी की ताकत मंत्री ने बताया कि इजरायल में भारतीय स्टार्टअप्स और उद्योगो...