Tuesday, January 20

Opinion

“बिहार जीत गया… अब बंगाल की बारी”— बीजेपी समर्थकों के इस संदेश का असल मतलब क्या है?
Bihar, Opinion, Politics, State

“बिहार जीत गया… अब बंगाल की बारी”— बीजेपी समर्थकों के इस संदेश का असल मतलब क्या है?

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर एक नारा तेज़ी से ट्रेंड करने लगा —“बिहार जीत लिया… अब बंगाल!”इस वाक्य ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ाई, बल्कि यह एक संकेत भी है कि बीजेपी समर्थक अब अगले बड़े राजनीतिक युद्धक्षेत्र पर नज़रें जमा चुके हैं— पश्चिम बंगाल**। लेकिन यह नारा सिर्फ उत्साह का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गहरे राजनीतिक अर्थ और रणनीतियाँ छिपी हैं। आइए समझते हैं कि आखिर “बिहार जीतकर अब बंगाल की तरफ बढ़ने” का क्या मतलब है। **1. राजनीतिक ऊर्जा और मनोवैज्ञानिक बढ़त का संकेत चुनावों में जीत केवल सीटों का खेल नहीं होती, यह मनोवैज्ञानिक बढ़त भी देती है।बिहार में सफलता ने बीजेपी समर्थकों को यह आत्मविश्वास दिया है कि पार्टी कठिन चुनावों में भी जीत का रास्ता बना सकती है।इसलिए “अब बंगाल” कहना चुनावी ऊर्जा को अगले राज्य में ट्रांसफर करने का संकेत है। ...
कल का मौसम 16 नवंबर: देश के कई राज्यों में बिगड़ेगा मिज़ाज, दिल्ली-उत्तराखंड-हिमाचल में अलर्ट जारी
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कल का मौसम 16 नवंबर: देश के कई राज्यों में बिगड़ेगा मिज़ाज, दिल्ली-उत्तराखंड-हिमाचल में अलर्ट जारी

नई दिल्ली: कड़ाके की ठंड के बीच देश के कई राज्यों का मौसम 16 नवंबर को करवट लेने वाला है। दक्षिण भारत से लेकर हिमालयी क्षेत्रों तक मौसम विभाग ने बारिश, शीतलहर और बर्फबारी के अलर्ट जारी किए हैं। खासतौर पर तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, अंडमान-निकोबार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, यूपी और दिल्ली में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट तमिलनाडु और केरल में 16 नवंबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, 16 से 18 नवंबर तक आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। तटीय इलाकों में हवाएं तेज चलने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने के भी आसार हैं। उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड, कई जगह शीतलहर उत्तर भारत में 16 नवंबर से ठंड और ज्यादा बढ़ने वाली है।दिल्ली, यूपी और बिहार में सुबह के समय न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे ...
पीएम मोदी की गंगा वाली टिप्पणी पर बरसीं बंगाल की मंत्री शशि पांजा — बोलीं, “किसी भ्रम में न रहें मोदी… बंगाल में जीत बीजेपी के लिए दूर की कौड़ी”
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पीएम मोदी की गंगा वाली टिप्पणी पर बरसीं बंगाल की मंत्री शशि पांजा — बोलीं, “किसी भ्रम में न रहें मोदी… बंगाल में जीत बीजेपी के लिए दूर की कौड़ी”

नई दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव में मिले भारी जनादेश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई टिप्पणी पर पश्चिम बंगाल सरकार ने तीखा हमला बोला है। बंगाल की महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने पीएम मोदी की उस टिप्पणी पर आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “गंगा बिहार से होकर जैसे बंगाल में बहती है, वैसे ही बिहार की जीत बंगाल में बीजेपी की जीत का रास्ता खोल रही है।” “पीएम किसी भ्रम में न रहें” — शशि पांजा का सीधा हमला शशि पांजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा—“प्रधानमंत्री किसी भ्रम में न रहें। बंगाल में जीत बीजेपी के लिए दूर की कौड़ी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि— केंद्र सरकार ने बंगाल की महिलाओं के लिए तय की गई योजनाओं का धन रोका, राज्य के विकास को लगातार बाधित किया गया, और बीजेपी नेताओं ने बंगाल की महिलाओं का अपमान किया...
इसी महीने मिल सकता है बीजेपी को नया अध्यक्ष, मोदी मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल के संकेत
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इसी महीने मिल सकता है बीजेपी को नया अध्यक्ष, मोदी मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल के संकेत

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी संगठन और सरकार—दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव की तैयारी में जुट गई है। पार्टी के भीतर यह चर्चा तेज है कि बीजेपी को इसी महीने नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिमंडल में भी महत्वपूर्ण फेरबदल कर सकते हैं। अगले साल की शुरुआत से पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में पार्टी जल्द फैसले लेने के मूड में दिखाई दे रही है। बिहार में बंपर जीत के बाद बदलाव की आहट बिहार में एनडीए गठबंधन ने 243 में से 202 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं 89 सीटों के साथ बीजेपी पहली बार राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी है। इससे पहले पार्टी दिल्ली में भी सत्ता में लौट आई थी। लगातार मिल रही चुनावी सफलताओं ने संगठन को अगले चरण की तैयारियों में जोर लगाने के लिए प्रेरित किया...
आतंकवाद पर केंद्र को घेरा: नौगाम विस्फोट के बाद कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने मांगी सर्वदलीय बैठक, कहा—‘जवाबदेही से नहीं भाग सकती सरकार’
Opinion

आतंकवाद पर केंद्र को घेरा: नौगाम विस्फोट के बाद कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने मांगी सर्वदलीय बैठक, कहा—‘जवाबदेही से नहीं भाग सकती सरकार’

नई दिल्ली, 15 नवम्बर 2025: जम्मू-कश्मीर के नौगाम थाने में हुए भीषण विस्फोट में 9 लोगों की मौत और 24 के घायल होने की घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गहरा शोक व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग करते हुए केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। खड़गे बोले—“मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ” खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, “नौगाम थाने में विस्फोट की खबर बेहद दुखद है। 9 लोगों की जान चली गई और 24 घायल हैं। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”उन्होंने घायलों के बेहतर और शीघ्र उपचार की मांग की और कहा कि सरकार को पर्याप्त मुआवजा देने में देरी नहीं करनी चाहिए। “केंद्र सरकार जवाबदेही से नहीं भाग सकती” कांग्रेस अध्यक्ष ने कड़े शब्दो...
Opinion: शिवराज की ‘छाप’ मिटा रही मोहन सरकार? लाडली बहना योजना समेत कई योजनाओं में बदलाव
Madhya Pradesh, Opinion

Opinion: शिवराज की ‘छाप’ मिटा रही मोहन सरकार? लाडली बहना योजना समेत कई योजनाओं में बदलाव

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में हाल के दिनों में एक नई हलचल देखने को मिल रही है। नए मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रदेश में अपनी सरकार की अलग पहचान बनाने में जुटे हैं। इसके तहत वे नई योजनाएं शुरू करने के साथ ही शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं में बदलाव कर रहे हैं। लाडली बहना योजना पर नया अध्याय मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से पहले शिवराज सिंह चौहान ने लाडली बहना योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती थी, जो चुनाव के समय बढ़ाकर 1250 रुपए कर दी गई थी। चुनाव में बीजेपी को जीत मिली, लेकिन शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री नहीं बने। नए मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में पहली बार इस योजना में राशि बढ़ाई गई है। 12 नवंबर से लाडली बहनों को हर महीने 1500 रुपए दिए जाएंगे। इस बीच चर्चा यह भी शुरू हो गई है कि मोहन सरका...
बिहार चुनाव 2025: पहले चरण में बढ़ी वोटिंग, लोकतंत्र को मिला मजबूत संदेश
Bihar, Opinion

बिहार चुनाव 2025: पहले चरण में बढ़ी वोटिंग, लोकतंत्र को मिला मजबूत संदेश

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह और जोश दिखाया। 121 सीटों पर हुए मतदान में 60.13% मतदान दर्ज किया गया, जो लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दर्शाता है कि जनता राजनीति से उदासीन नहीं है और लोकतंत्र जीवंत है। बड़े नाम कतार में इस चरण में महागठबंधन के CM उम्मीदवार तेजस्वी यादव, डिप्टी CM विजय कुमार सिन्हा, सम्राट चौधरी समेत कई बड़े नेताओं की किस्मत दांव पर लगी थी। वहीं, अभिनेता से नेता बने खेसारी लाल यादव, गायक मैथिली ठाकुर जैसे उम्मीदवारों के चुनावी परिणाम भी जनता की सोच का परिचायक होंगे। साथ ही बाहुबलियों की भी लड़ाई इस चरण में महत्वपूर्ण रही। भविष्य का फैसला बिहार में पिछले दो दशकों से सत्तासीन नीतीश कुमार या उनकी जगह कोई और—यह सवाल इस बार इतनी मजबूती से जनता के सामने आया है कि हर वोट का महत्व बढ़ गया है। 2020 क...
क्या हरियाणा में कांग्रेस वाकई “वोट चोरी” से हारी थी? मैदान में जो दिखा, उसने सच्चाई उजागर कर दी
Haryana, Opinion, Politics

क्या हरियाणा में कांग्रेस वाकई “वोट चोरी” से हारी थी? मैदान में जो दिखा, उसने सच्चाई उजागर कर दी

हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणामों को एक साल बीत चुका है, लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में अपनी तथाकथित “H-फाइल्स” जारी कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हर आठवां मतदाता फर्जी है और बड़े पैमाने पर “वोट चोरी” हुई है। लेकिन उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। राहुल गांधी यह सवाल उठाते हैं कि जब कांग्रेस को अपनी जीत का पूरा भरोसा था, तो भाजपा को बहुमत कैसे मिल गया। मगर भाजपा या चुनाव आयोग पर उंगली उठाने से पहले उन्हें यह बताना होगा कि कांग्रेस को हरियाणा विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त करने में पूरा एक साल क्यों लग गया? और आखिर पार्टी अब भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा परिवार से आगे नई नेतृत्व पंक्ति क्यों नहीं बना पाई? असल समस्या शायद मतदाता सूची में नहीं, बल्कि कांग्रेस के अंदर ही छिपी है। कांग्रेस का अंदरूनी पतन हमारी जमीन...
महाराष्ट्र नगरीय निकाय चुनाव 2025: लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करने का समय
Maharashtra, Opinion

महाराष्ट्र नगरीय निकाय चुनाव 2025: लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करने का समय

लेखक: विनायक अशोक लुनिया भारत का लोकतंत्र केवल संसद या विधानसभा तक सीमित नहीं है। इसकी असली ताकत और आत्मा उन संस्थाओं में बसती है जो जनता के सबसे नज़दीक हैं — ग्राम पंचायतें, नगर परिषदें और नगर पंचायतें**।हाल ही में **महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित नगर निकाय चुनावों की अधिसूचना इस लोकतांत्रिक यात्रा का एक और महत्वपूर्ण अध्याय है। आने वाली 2 दिसंबर 2025 को राज्य के लगभग 300 नगरीय निकाय फिर से जनता की अदालत में जाएंगे — विश्वास का नया जनादेश पाने के लिए। 🔹 स्थानीय शासन — लोकतंत्र का असली चेहरा स्थानीय निकाय चुनावों में लोकतंत्र अपनी सबसे नज़दीकी अभिव्यक्ति पाता है।जहाँ सांसद और विधायक नीतियाँ बनाते हैं, वहीं नगरसेवक और पार्षद उन्हें धरातल पर अमल में लाते हैं**।सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएँ इन्हीं के निर्णयों पर निर्भर करती हैं। इसलिए,...
पदक और मैचों से आगे — भारत को खेल को “विकास का आधार” मानना होगा, “मनोरंजन” नहीं
Opinion, Sports

पदक और मैचों से आगे — भारत को खेल को “विकास का आधार” मानना होगा, “मनोरंजन” नहीं

दशकों से भारत में खेलों को एक वैकल्पिक क्षेत्र के रूप में देखा गया है — जिसे चाहो तो अपनाओ, वरना जीवन में जरूरी नहीं। लेकिन आज खेल केवल मैदानों तक सीमित नहीं हैं। ये स्वास्थ्य, शिक्षा, अर्थव्यवस्था, सामाजिक एकता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा से सीधे जुड़े हैं।खेलों को राष्ट्रीय विकास के स्तंभ के रूप में मान्यता देना अब केवल खिलाड़ियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की प्रगति के लिए अनिवार्य हो गया है।अब समय है कि नीति, शासन और समाज मिलकर इस दृष्टिकोण को संस्थागत रूप दें। 🔹 मनोरंजन से राष्ट्र निर्माण तक भारत जैसे विशाल और युवा देश में खेलों को केवल मनोरंजन का साधन नहीं माना जा सकता। खेल अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और धैर्य सिखाते हैं — जो एक मजबूत समाज की नींव हैं।फिर भी, भारत में खेलों को अब भी “ऐच्छिक” समझा जाता है। राष्ट्रीय बजट में इसका हिस्सा नगण्य है, शिक्षा में इसका स्थान सीम...